संयुक्तमेरिटलिस्ट बनने के बाद लोअर-मेरिट लिस्ट में आने के बाद हटाए गए
जेबीटी को दोबारा नियुक्ति की उम्मीद जगी है। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर
से प्रदेशभर के सभी मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करके हटाए गए
उम्मीदवारों की सूची मांगी है।
जिसमें आवेदन पत्र में भरे गए उन 6 जिलों का ब्यौरा देने के आदेश हैं जहां पर उम्मी द्वार जेबीटी के तौर पर अपनी नियुक्ति चाहते थे। करीब छह महीने के धरने-प्रदर्शन मीटिंग के बाद विभाग द्वारा मांगी गई इस जानकारी से कैथल के 67 प्रदेश के 1259 लोअर मेरिट जेबीटी को नौकरी मिलने की म्मीद जगती नजर रही हैं। बता दें कि लोअर मेरिट वाले जेबीटी ने सीएम सिटी करनाल में करीब दो महीने क्रमिक अनशन किया था। जिसके बाद सीएम ने दिवाली के तुरंत बाद नौकरी देने का आश्वासन दिया था।
वर्ष 2012 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 2/2012 विज्ञापन संख्या के अनुसार 9870 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। वर्ष 2013 में एचटेट पास वाले पात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके इस भर्ती में शामिल होने की इच्छा जताई थी। वर्ष 2014 में भर्ती का रिजल्ट जारी हुआ, लेकिन हाईकोर्ट में केस चलता रहा। इसी साल अप्रैल माह में हाईकोर्ट ने जेबीटी को नियुक्ति देने के आदेश दिए। जिनमें वर्ष 2013 में एचटेट पास करने वाले पात्र शामिल नहीं थे। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर 2013 इससे पहले एचटेट पास करने वाले पात्रों की संयुक्त मेरिट सूची बनाई तो प्रदेशभर से 1259 जेबीटी की नियुक्ति लोअर मेरिट बताकर रद्द कर दी। नियुक्ति रद्द होने पर लोअर मेरिट वालों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और करनाल में धरना देकर बैठ गए थे।
जिसमें आवेदन पत्र में भरे गए उन 6 जिलों का ब्यौरा देने के आदेश हैं जहां पर उम्मी द्वार जेबीटी के तौर पर अपनी नियुक्ति चाहते थे। करीब छह महीने के धरने-प्रदर्शन मीटिंग के बाद विभाग द्वारा मांगी गई इस जानकारी से कैथल के 67 प्रदेश के 1259 लोअर मेरिट जेबीटी को नौकरी मिलने की म्मीद जगती नजर रही हैं। बता दें कि लोअर मेरिट वाले जेबीटी ने सीएम सिटी करनाल में करीब दो महीने क्रमिक अनशन किया था। जिसके बाद सीएम ने दिवाली के तुरंत बाद नौकरी देने का आश्वासन दिया था।
वर्ष 2012 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 2/2012 विज्ञापन संख्या के अनुसार 9870 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। वर्ष 2013 में एचटेट पास वाले पात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके इस भर्ती में शामिल होने की इच्छा जताई थी। वर्ष 2014 में भर्ती का रिजल्ट जारी हुआ, लेकिन हाईकोर्ट में केस चलता रहा। इसी साल अप्रैल माह में हाईकोर्ट ने जेबीटी को नियुक्ति देने के आदेश दिए। जिनमें वर्ष 2013 में एचटेट पास करने वाले पात्र शामिल नहीं थे। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर 2013 इससे पहले एचटेट पास करने वाले पात्रों की संयुक्त मेरिट सूची बनाई तो प्रदेशभर से 1259 जेबीटी की नियुक्ति लोअर मेरिट बताकर रद्द कर दी। नियुक्ति रद्द होने पर लोअर मेरिट वालों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और करनाल में धरना देकर बैठ गए थे।