जागरण संवाददाता, यमुनानगर : एससीईआरटी गुरुग्राम जिला शिक्षा अधिकारी
कार्यालय की ओर से जिले के विज्ञान एवं गणित अध्यापकों का तीन दिवसीय
दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरआत जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (डाइट)
तेजली में हुई।
जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान तेजली के कार्यवाहक प्रधानाचार्य दुष्यंत चहल व कार्यक्त्रम संयोजक डाक्टर संजीव कुमार ने बताया कि विज्ञान व गणित अध्यापकों को बच्चों के अधिगम के स्तर को सुधारने के लिए नवाचारी विधियों के भरपूर उपयोग के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा।
ट्रेनर्स द्वारा कक्षा में पढ़ाई में कमजोर बच्चों को पढ़ाने के तौर-तरीके नए पाठ्यक्त्रम व शिक्षा की नवीन तकनीक बारे विस्तार से बताया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान विज्ञान व गणित को प्रयोगों व गतिविधियों द्वारा पढ़ाने के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला विज्ञान विशेषज्ञ विशाल ¨सघल ने विज्ञान व गणित अध्यापकों को यह निर्देश दिए गए कि बच्चे को पाठ्यक्रम के अनुसार विषय की समझ होनी चाहिए। उसको विज्ञान गतिविधियों व प्रयोगों को करना भी आना चाहिए। जिले के बकाया 4 खंडों से सभी विज्ञान व सभी गणित अध्यापकों को शामिल किया गया है। जनवरी महीने में बच्चों की लर्निंग आउटकम को जांचने के लिये जिला स्तर पर प्रत्येक विद्यालय के निरीक्षण का प्रस्ताव है।
जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान तेजली के कार्यवाहक प्रधानाचार्य दुष्यंत चहल व कार्यक्त्रम संयोजक डाक्टर संजीव कुमार ने बताया कि विज्ञान व गणित अध्यापकों को बच्चों के अधिगम के स्तर को सुधारने के लिए नवाचारी विधियों के भरपूर उपयोग के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा।
ट्रेनर्स द्वारा कक्षा में पढ़ाई में कमजोर बच्चों को पढ़ाने के तौर-तरीके नए पाठ्यक्त्रम व शिक्षा की नवीन तकनीक बारे विस्तार से बताया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान विज्ञान व गणित को प्रयोगों व गतिविधियों द्वारा पढ़ाने के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला विज्ञान विशेषज्ञ विशाल ¨सघल ने विज्ञान व गणित अध्यापकों को यह निर्देश दिए गए कि बच्चे को पाठ्यक्रम के अनुसार विषय की समझ होनी चाहिए। उसको विज्ञान गतिविधियों व प्रयोगों को करना भी आना चाहिए। जिले के बकाया 4 खंडों से सभी विज्ञान व सभी गणित अध्यापकों को शामिल किया गया है। जनवरी महीने में बच्चों की लर्निंग आउटकम को जांचने के लिये जिला स्तर पर प्रत्येक विद्यालय के निरीक्षण का प्रस्ताव है।