जागरण संवाददाता, रेवाड़ी : वर्ष 2012 में बनाई गई शिक्षक पदोन्नति नीति
की कथित कमियों व विसंगतियों के चलते प्रदेश के शिक्षा विभाग में गत पांच
वर्षों से पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने उक्त
नीति में संशोधन कर कुछ विसंगतियों को दूर किया है, ¨कतु संशोधन को अभी तक
लागू न किए जाने से प्रदेशभर के विज्ञान एवं गणित अध्यापकों में भारी रोष
व्याप्त है।
संबंधित शिक्षकों का कहना है कि गलत नीति के चलते एक ओर वे पहले ही अपने समकक्ष शिक्षा वर्ग से पांच वर्ष जूनियर हो गए हैं, दूसरी ओर संशोधन के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने में हो रही देरी उनके भविष्य से खिलवाड़ है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से मांग की है कि उन्हें प्राथमिकता से पदोन्नत कर न्याय दिलवाया जाए।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में बनाई गई शिक्षक पदोन्नति नीति में किंही कारणों से बीएससी नॉन मेडिकल वर्ग के विज्ञान एवं गणित अध्यापकों को क्रमश: गणित तथा भौतिकी व रसायन शास्त्र में पदोन्नति पर रोक लगा दी थी। लंबे संघर्ष के बाद वर्तमान सरकार ने उक्त विसंगति को हटाकर संबंधित पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है, ¨कतु संशोधन के कई माह बात जाने के बावजूद पदोन्नति केस न माने जाने से संबंधित शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है। रेवाड़ी जिले से संबंधित शिक्षकों में अनीता यादव, गीता, कल्पना, राजेश कुमार, किरण, दिनेश कुमार, अशोक, दिनेश यादव, सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से गुहार लगाई है कि प्रदेशभर के संबंधित वर्ग के शिक्षकों का पदोन्नति का तुरंत लाभ देकर न्याय प्रदान किया जाए।
संबंधित शिक्षकों का कहना है कि गलत नीति के चलते एक ओर वे पहले ही अपने समकक्ष शिक्षा वर्ग से पांच वर्ष जूनियर हो गए हैं, दूसरी ओर संशोधन के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने में हो रही देरी उनके भविष्य से खिलवाड़ है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से मांग की है कि उन्हें प्राथमिकता से पदोन्नत कर न्याय दिलवाया जाए।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में बनाई गई शिक्षक पदोन्नति नीति में किंही कारणों से बीएससी नॉन मेडिकल वर्ग के विज्ञान एवं गणित अध्यापकों को क्रमश: गणित तथा भौतिकी व रसायन शास्त्र में पदोन्नति पर रोक लगा दी थी। लंबे संघर्ष के बाद वर्तमान सरकार ने उक्त विसंगति को हटाकर संबंधित पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है, ¨कतु संशोधन के कई माह बात जाने के बावजूद पदोन्नति केस न माने जाने से संबंधित शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है। रेवाड़ी जिले से संबंधित शिक्षकों में अनीता यादव, गीता, कल्पना, राजेश कुमार, किरण, दिनेश कुमार, अशोक, दिनेश यादव, सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से गुहार लगाई है कि प्रदेशभर के संबंधित वर्ग के शिक्षकों का पदोन्नति का तुरंत लाभ देकर न्याय प्रदान किया जाए।