जागरण संवाददाता, पानीपत : मॉडल टाउन स्थित एमकेके आर्य मॉडल स्कूल में
बृहस्पतिवार को सहोदय (सीबीएसई स्कूलों का संगठन) की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नई कार्यकारिणी का चुनाव किया गया।
नए शैक्षणिक सत्र में नियम 134
ए से संबंधित दाखिले, वार्षिक फंड व नियम 158 पर खुलकर चर्चा की गई। स्कूल
संचालकों ने निर्णय लिया कि नियम 134 ए में उन्हीं योग्य बच्चों को दाखिला
देंगे जो सभी कागजात पूरे करेंगे। शिक्षा विभाग से तीन वर्ष का रिफंड न
मिलने पर डिमांड लेटर देने के बाद कोर्ट में इस्तगासा दायर करेंगे।
सहोदय की बैठक सुबह 10:30 बजे से शुरू हुई। सर्वप्रथम नियम 134 ए का
मामला उठा। स्कूल संचालकों ने कहा कि परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आर्थिक
रूप से कमजोर परिवार के उन्हीं बच्चों को दाखिला मिलेगा जो एडमिशन से पहले
आधार कार्ड, आय, आवासीय व जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से दिखाएंगे।
तहसीलदार से प्रमाणित दो लाख का आय प्रमाण मान्य होगा। बैठक के दौरान
प्रधान विजेंद्र मान ने कहा कि डीईओ कार्यालय से एक बच्चे को नियम 134 ए
में दाखिले के लिए भेजा गया है। उसके अभिभावक ने 3:50 लाख का आय प्रमाण
पत्र संलग्न किया है। विभागीय अधिकारी स्वयं नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
दोष निजी स्कूलों को दे रहे हैं। बैठक में नियम 134 ए में दसवीं व 12 वीं
कक्षा में एडमिशन पर भी चर्चा हुई। स्कूल संचालकों ने कहा कि दाखिले के बाद
पंजीकरण का मामला बोर्ड के चेयरमैन तक जाता है। अनुमति न मिलने की स्थिति
में बच्चों को नुकसान उठान पड़ सकता है।
टयूशन फीस का 50 फीसद एनुअल चार्ज
सहोदय की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में नव नियुक्त प्रेसीडेंट
विजेंद्र मान ने कहा कि हाइकोर्ट के आदेशों के मुताबिक स्कूल अपने खर्चे
पूरे करने के लिए एक डवलपमेंट फंड बना सकता है। फंड में पूरे साल के टयूशन
फीस का 50 फीसद या इससे कम की राशि लेगा। स्कूल संचालक एक बच्चे के अभिभावक
से इतना एनुअल चार्ज ले सकता है। हाइकोर्ट के नियम 9-10 के मुताबिक जरूरी
नहीं है कि स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लगाई जाएं। कोर्ट का आदेश है
कि स्कूल प्रबंधन अपनी मर्जी से कोई टेक्सट बुक लगा सकता है। नियमावली 158
पर चर्चा
हरियाणा शिक्षा नियमावली 158 में उल्लेख किया गया है कि एक शैक्षणिक
सत्र के मध्य में स्कूल संचालक फीस नहीं बढ़ा सकता है। जो फीस बढ़ाना होता
है दिसंबर माह में फार्म 6 के तहत आवेदन में भर कर शिक्षा विभाग में जमा
करवा देता है। इससे ज्यादा लेने पर फीस एंड फंड रेग्युलेटरी कमेटी इसकी
जांच कर सकती है। तीन साल से रिफंड अटका
सीबीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने कहा कि एक अप्रैल 2015 से उन्हें
रिफंड नहीं मिला है। रिफंड की राशि करोड़ों में है। सरकार को डिमांड नोटिस
भेज कर रिफंड लेंगे। स्कूल संचालकों को पैसा नहीं दिया गया तो कोर्ट में
आवेदन लगाएंगे। पानीपत में 936 स्कूल का दावा
सहोदय के पदाधिकारियों ने कहा कि पानीपत में सरकारी व गैर सरकारी
स्कूलों की संख्या 936 है। लगभग 354 सरकारी सकूल हैं। सहोदय में 48 स्कूल
पंजीकृत है। विजेंद्र मान बने प्रेसीडेंट
सहोदय की नई कार्यकारिणी का चुनाव किया गया। हरियाणा संयुक्त विद्यालय
संघ के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मान को 2 वर्षों के लिए नया प्रेसिडेंट चुना
गया। डीपीएस रिफाइनरी के प्राचार्य विनोद शर्मा को कंवीनर, अपोलो
इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य रजनी शर्मा को वाइस प्रेसीडेंट व मिलेनियम
स्कूल की प्रधानाचार्य अमिता कोचर को दोबारा सचिव बनाया गया। बैठक के
दौरान सहोदय स्कूल के 48 में 43 सदस्य मौजूद थे।
Haryana2Day brings you the latest news, government updates, education news, job notifications, and local events from Haryana.
Important Posts
Advertisement
UPTET news
';
(function() {
var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true;
dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js';
(document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq);
})();