पीटीआई शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया के 12 साल बाद आखिरकार 73 महिला
पीटीआई शिक्षकों को नियुक्ति देने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश जारी
किए हैं। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को कड़ी फटकार
लगाई और 73 महिला पीटीआई को तत्काल नियुक्ति पत्र जारी करने के आदेश दिए
हैं। 5 दिसंबर तक पंजाब सरकार को नियुक्ति पत्र जारी कर इसकी जानकारी
हाईकोर्ट में देनी होगी।
पंजाब सरकार के खिलाफ महिला पीटीआई आवेदकों ने एडवोकेट वीके संधीर के
माध्यम से अवमानना याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि पंजाब सरकार
ने वर्ष 2006 में पीटीआई शिक्षकों के पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इन पदों
पर बराबर संख्या में पुरुष और महिला पीटीआई की नियुक्ति की जानी तय की गई
थी। पहले इन पदों के लिए फिजिकल एजुकेशन के सर्टिफिकेट धारकों को ही
नियुक्त किए जाने का निर्णय किया गया था और बाद में हाईकोर्ट ने आदेश पर
डीपीएड और बीपीएड को भी आवेदन की छूट दे दी थी। लेकिन पुरुष पीटीआई ज्यादा
संख्या में नियुक्त कर दिए गए।
इसके खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं। 2012 में हाईकोर्ट ने इन पदों को पुरुष और महिला पीटीआई से बराबर भरे जाने के आदेश जारी कर दिए। सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि पद बराबर भरे जाएंगे। सरकार ने नई सूची बनाई तो कई पहले चयन किए गए आवेदकों को सूची से बाहर कर दिया गया। एक बार फिर सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी गई।
हाईकोर्ट ने नई सूची में निकाले गए आवेदकों को बनाए रखते हुए महिला पीटीआई की नियुक्ति के आदेश दिए थे। अब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है कि महिला के पीटीआई के 73 पदों पर महिला जल्द ही नियुक्ति कर दी जाएगी। हाईकोर्ट ने नियुक्तियां कर मामले की अगली सुनवाई पर इसकी जानकारी हाईकोर्ट को सौंपने के आदेश दिए हैं।
इसके खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं। 2012 में हाईकोर्ट ने इन पदों को पुरुष और महिला पीटीआई से बराबर भरे जाने के आदेश जारी कर दिए। सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि पद बराबर भरे जाएंगे। सरकार ने नई सूची बनाई तो कई पहले चयन किए गए आवेदकों को सूची से बाहर कर दिया गया। एक बार फिर सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी गई।
हाईकोर्ट ने नई सूची में निकाले गए आवेदकों को बनाए रखते हुए महिला पीटीआई की नियुक्ति के आदेश दिए थे। अब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है कि महिला के पीटीआई के 73 पदों पर महिला जल्द ही नियुक्ति कर दी जाएगी। हाईकोर्ट ने नियुक्तियां कर मामले की अगली सुनवाई पर इसकी जानकारी हाईकोर्ट को सौंपने के आदेश दिए हैं।