नियम 134ए के तहत स्कूलाें अाैर शिक्षा विभाग के बीच खींचतान का खामियाजा
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे भुगत रहे हैं। निजी स्कूलाें का कहना है कि
सरकार की ओर से नियम 134ए के तहत दाखिला पाने वाले 25 हजार बच्चाें की
निर्धारित फीस नहीं दी जा रही।
उनका 4 वर्ष का करीब 24 कराेड़ रुपए बकाया है। उन्हाेंने चेतावनी दी है कि इस वर्ष वे दाखिला नहीं देंगे। वहीं, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास का कहना है कि प्राइवेट स्कूल संचालक रिक्त सीटों पर दिए गए प्रवेश का बिल विभाग में जमा कराएं, जल्द भुगतान कराया जाएगा। जिनका बिल आ रहा है, उन्हें भुगतान किया जा रहा है। जब तक बिल नहीं जमा कराया जाता, तब तक राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
स्कूल संचालक दाखिला नहीं देता है तो यह सीधे हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके आधार पर स्कूल संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के साथ मान्यता निरस्त की जाएगी। हाईकाेर्ट के अादेश हैं कि फीस का भुगतान न हाेने पर भी दाखिला रुक नहीं सकता। वहीं, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के राज्य प्रधान ने दावा किया है कि बीते चार सालों में एक भी स्कूल संचालक को फीस का भुगतान नहीं किया गया है। शिक्षा विभाग के पास स्कूलवाइज दाखिले की पूरी डिटेल है। उसके अाधार पर भुगतान किया जाए।
आमने-सामने
एसीएस-बिना बिल भुगतान नहीं होगा
300 से 500 रुपए निर्धारित है फीस: सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा तक के ऐसे बच्चों के लिए कोई पैसा निर्धारित नहीं किया है, जबकि प्राइमरी के लिए 300 रुपए और मिडल के लिए 500 रुपए निर्धारित है। यह पैसा भी कई वर्षों से जारी नहीं किया गया।
राज्य प्रधान- विभाग के पास पूरा डेटा, बिल किस बात का दें
शिक्षा विभाग के एसीएस ने कहा
बिल जमा करवा लाे पैसे, दाखिला नहीं दिया तो रद्द होगी मान्यता
राज्य प्रधान: फ्री में कब तक दाखिले देते रहेंगे
वर्ष 2018-19 में प्रदेश में दिए गए दाखिले
जिला दाखिले
अंबाला 1247
भिवानी 2396
फरीदाबाद 0345
फतेहाबाद 1518
गुड़गांव 390
हिसार 1861
झज्जर 2042
जींद 1400
कैथल 2022
करनाल 2733
कुरुक्षेत्र 1836
महेंद्रगढ़ 839
मेवात 351
पलवल 428
पंचकूला 509
पानीपत 2067
रेवाड़ी 381
रोहतक 924
सिरसा 1294
सोनीपत 216
यमुनानगर 1051
आंकड़े औसत के अनुसार हैं।
उनका 4 वर्ष का करीब 24 कराेड़ रुपए बकाया है। उन्हाेंने चेतावनी दी है कि इस वर्ष वे दाखिला नहीं देंगे। वहीं, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास का कहना है कि प्राइवेट स्कूल संचालक रिक्त सीटों पर दिए गए प्रवेश का बिल विभाग में जमा कराएं, जल्द भुगतान कराया जाएगा। जिनका बिल आ रहा है, उन्हें भुगतान किया जा रहा है। जब तक बिल नहीं जमा कराया जाता, तब तक राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
स्कूल संचालक दाखिला नहीं देता है तो यह सीधे हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके आधार पर स्कूल संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के साथ मान्यता निरस्त की जाएगी। हाईकाेर्ट के अादेश हैं कि फीस का भुगतान न हाेने पर भी दाखिला रुक नहीं सकता। वहीं, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के राज्य प्रधान ने दावा किया है कि बीते चार सालों में एक भी स्कूल संचालक को फीस का भुगतान नहीं किया गया है। शिक्षा विभाग के पास स्कूलवाइज दाखिले की पूरी डिटेल है। उसके अाधार पर भुगतान किया जाए।
आमने-सामने
एसीएस-बिना बिल भुगतान नहीं होगा
300 से 500 रुपए निर्धारित है फीस: सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा तक के ऐसे बच्चों के लिए कोई पैसा निर्धारित नहीं किया है, जबकि प्राइमरी के लिए 300 रुपए और मिडल के लिए 500 रुपए निर्धारित है। यह पैसा भी कई वर्षों से जारी नहीं किया गया।
राज्य प्रधान- विभाग के पास पूरा डेटा, बिल किस बात का दें
शिक्षा विभाग के एसीएस ने कहा
बिल जमा करवा लाे पैसे, दाखिला नहीं दिया तो रद्द होगी मान्यता
राज्य प्रधान: फ्री में कब तक दाखिले देते रहेंगे
वर्ष 2018-19 में प्रदेश में दिए गए दाखिले
जिला दाखिले
अंबाला 1247
भिवानी 2396
फरीदाबाद 0345
फतेहाबाद 1518
गुड़गांव 390
हिसार 1861
झज्जर 2042
जींद 1400
कैथल 2022
करनाल 2733
कुरुक्षेत्र 1836
महेंद्रगढ़ 839
मेवात 351
पलवल 428
पंचकूला 509
पानीपत 2067
रेवाड़ी 381
रोहतक 924
सिरसा 1294
सोनीपत 216
यमुनानगर 1051
आंकड़े औसत के अनुसार हैं।