फतेहाबाद : नामांकन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने से शिक्षा विभाग को करोड़ों का लाभ हुआ है। विभाग को यह राशि स्कूल में मिड-डे मील में फर्जीवाड़ा रुकने से बची है। किसी भी योजना में शिक्षा विभाग को इससे पहले कभी इतनी बड़ी बचत नहीं हुई थी।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सही संख्या जानने व दाखिले में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत की थी। इससे पहले प्रदेशभर के कई स्कूल मुखिया फर्जीवाड़ा कर विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा दिखा देते थे। शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों को दी जाने वाले सुविधा का खुद फायदा उठाते थे। इस कारण करोड़ों रुपये फर्जीवाड़े में ही खर्च हो जाते थे। इसमें मिड-डे मील सामग्री का खर्च शामिल है, लेकिन इस गड़बड़ी पर ऑनलाइन दाखिला होने से रोक लग गई। शिक्षा विभाग को इस साल मिड डे मील में करीब 50 करोड़ का फायदा पहुंचा है।
फतेहाबाद से दो करोड़ की बचत :
वर्ष 2014- 15 में जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर मिड-डे मील का खर्च 12 करोड़ 66 लाख 36 हजार से अधिक रुपये आया था, लेकिन वर्ष 2015- 16 में खर्च घटकर 10 करोड़ 83 लाख 62 हजार रुपये खर्च हुए हैं। यानि दो करोड़ रुपये का विभाग को फायदा हुआ है। शिक्षा विभाग द्वारा खाना बनाने पर खर्च पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को 100 ग्राम के हिसाब से 3 रुपये 86 पैसे और छठी से आठवीं के विद्यार्थियों को 150 ग्राम के हिसाब 5 रुपये 78 पैसे दिए जाते हैं।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सही संख्या जानने व दाखिले में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत की थी। इससे पहले प्रदेशभर के कई स्कूल मुखिया फर्जीवाड़ा कर विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा दिखा देते थे। शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों को दी जाने वाले सुविधा का खुद फायदा उठाते थे। इस कारण करोड़ों रुपये फर्जीवाड़े में ही खर्च हो जाते थे। इसमें मिड-डे मील सामग्री का खर्च शामिल है, लेकिन इस गड़बड़ी पर ऑनलाइन दाखिला होने से रोक लग गई। शिक्षा विभाग को इस साल मिड डे मील में करीब 50 करोड़ का फायदा पहुंचा है।
फतेहाबाद से दो करोड़ की बचत :
वर्ष 2014- 15 में जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर मिड-डे मील का खर्च 12 करोड़ 66 लाख 36 हजार से अधिक रुपये आया था, लेकिन वर्ष 2015- 16 में खर्च घटकर 10 करोड़ 83 लाख 62 हजार रुपये खर्च हुए हैं। यानि दो करोड़ रुपये का विभाग को फायदा हुआ है। शिक्षा विभाग द्वारा खाना बनाने पर खर्च पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को 100 ग्राम के हिसाब से 3 रुपये 86 पैसे और छठी से आठवीं के विद्यार्थियों को 150 ग्राम के हिसाब 5 रुपये 78 पैसे दिए जाते हैं।
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