प्रदेशके विभिन्न स्कूलों में कार्यरत जेबीटी सीएंडवी शिक्षक सरकार शिक्षा
विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान है। मार्च माह में मांगे गए अंतर जिला
तबादले के आवेदकों को संबंधित जिलों में शिक्षा अधिकारियों द्वारा
काउंसिलिंग कर अप्रैल माह में उनके गृह जिलों में स्टेशन दे दिए गए, परंतु
चार माह बीत जाने के बाद भी उन्हें उक्त स्टेशनों पर नियुक्ति नहीं मिली
है।
ऐसे शिक्षक आज भी अपने बच्चों का दाखिला कहां करवाएं इस बात को लेकर असमंजस में हैं, जिससे दूसरे बच्चों का भविष्य बनाने वाले शिक्षक स्वयं अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
मार्चमें मांगे थे आवेदन
सरकारने मार्च 2016 में सीएंडवी जेबीटी शिक्षकों से अंतर जिला तबादला के तहत आवेदन मांगे थे। 2 अप्रैल को उन्हें उनका गृह जिला दे दिया गया। इसके साथ ही अप्रैल माह माध्यम में संबंधित जिलों में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा ऐसे शिक्षकों को बुलाकर काउंसिलिंग के माध्यम से उन्हें स्टेशन अलॉट कर दिया। परंतु ऐसे शिक्षक आज तक गृह जिले के स्टेशन पर नियुक्ति पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
^सरकार ने अभी ट्रांसफर कैंसिल नहीं किए हैं। अगस्त माह के अंत तक ऐसे सभी पात्र शिक्षकों को उनके निर्धारित स्टेशन पर नियुक्ति दे दी जाएगी। -प्रो.रामबिलासशर्मा, शिक्षामंत्री
^शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार अप्रैल माह में अंतर जिला तबादला के तहत पात्र शिक्षकों की काउंसिलिंग कर उन्हें जिले में स्टेशन दे दिए थे और रिपोर्ट विभाग के डायरेक्टर को भेज दी थी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद पात्रों को संबंधित स्कूलों में ज्वाइन करवा दिया जाएगा। -अंतरसिंह, डीईईओ, नारनौल, महेंद्रगढ़
प्रदेश भर के करीब 800 शिक्षकों को मिलना है लाभ
पात्रशिक्षक संजय कुमार, धर्मवीर, कृष्ण, नवीन कुमार, महेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, राजबीर आदि ने बताया कि शिक्षा सत्र के प्रारंभ में ही अंतर जिला तबादला प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेशभर के करीब 800 शिक्षकों को लाभ मिलना है। तबादले को लेकर उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला भी तो कार्य क्षेत्र वाले जिले में करवाया ही गृह क्षेत्र में करवा पाए। उन्होंने कहा कि वे बच्चों का भविष्य संवारते हैं परंतु सरकार शिक्षा विभाग की गलत नीतियों के चलते अपने स्वयं के बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। शिक्षा सत्र का आधा सत्र बीतने को है परंतु अभी तक सरकार विभाग ने उन्हें दिए गए स्टेशन पर नियुक्ति नहीं दी है। जिस कारण सभी पात्र शिक्षा मानसिक रूप से भी परेशानी झेल रहे हैं।
पीटीआई संजय कुमार ने सुनाया दुखड़ा
गांवबाघोत निवासी पीटीआई संजय कुमार ने भास्कर को बताया कि वह वर्ष 2000 से राजकीय कन्या मिडिल स्कूल बडोली पलवल में कार्यरत है। जहां शहर में अपना स्वयं का मकान बनाकर वह अच्छी प्रकार से रह रहे थे। परंतु बीजेपी सरकार ने मार्च माह में अंतर जिला तबादले के आवेदन मांगे। उन्होंने भी इसके लिए आवेदन किया तो उन्हें महेंद्रगढ़ के गांव बुचौली में स्टेशन मिल गया। पिछले चार माह से वह मिले स्टेशन पर नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं परंतु आज तक विभाग ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि तबादले को लेकर वह अपनी बेटी का दाखिला भी अभी तक नहीं करवा पाए हैं।
महेंद्रगढ़. तबादलापत्र दिखाता परेशान शिक्षक संजय कुमार।
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ऐसे शिक्षक आज भी अपने बच्चों का दाखिला कहां करवाएं इस बात को लेकर असमंजस में हैं, जिससे दूसरे बच्चों का भविष्य बनाने वाले शिक्षक स्वयं अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
मार्चमें मांगे थे आवेदन
सरकारने मार्च 2016 में सीएंडवी जेबीटी शिक्षकों से अंतर जिला तबादला के तहत आवेदन मांगे थे। 2 अप्रैल को उन्हें उनका गृह जिला दे दिया गया। इसके साथ ही अप्रैल माह माध्यम में संबंधित जिलों में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा ऐसे शिक्षकों को बुलाकर काउंसिलिंग के माध्यम से उन्हें स्टेशन अलॉट कर दिया। परंतु ऐसे शिक्षक आज तक गृह जिले के स्टेशन पर नियुक्ति पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
^सरकार ने अभी ट्रांसफर कैंसिल नहीं किए हैं। अगस्त माह के अंत तक ऐसे सभी पात्र शिक्षकों को उनके निर्धारित स्टेशन पर नियुक्ति दे दी जाएगी। -प्रो.रामबिलासशर्मा, शिक्षामंत्री
^शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार अप्रैल माह में अंतर जिला तबादला के तहत पात्र शिक्षकों की काउंसिलिंग कर उन्हें जिले में स्टेशन दे दिए थे और रिपोर्ट विभाग के डायरेक्टर को भेज दी थी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद पात्रों को संबंधित स्कूलों में ज्वाइन करवा दिया जाएगा। -अंतरसिंह, डीईईओ, नारनौल, महेंद्रगढ़
प्रदेश भर के करीब 800 शिक्षकों को मिलना है लाभ
पात्रशिक्षक संजय कुमार, धर्मवीर, कृष्ण, नवीन कुमार, महेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, राजबीर आदि ने बताया कि शिक्षा सत्र के प्रारंभ में ही अंतर जिला तबादला प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेशभर के करीब 800 शिक्षकों को लाभ मिलना है। तबादले को लेकर उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला भी तो कार्य क्षेत्र वाले जिले में करवाया ही गृह क्षेत्र में करवा पाए। उन्होंने कहा कि वे बच्चों का भविष्य संवारते हैं परंतु सरकार शिक्षा विभाग की गलत नीतियों के चलते अपने स्वयं के बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। शिक्षा सत्र का आधा सत्र बीतने को है परंतु अभी तक सरकार विभाग ने उन्हें दिए गए स्टेशन पर नियुक्ति नहीं दी है। जिस कारण सभी पात्र शिक्षा मानसिक रूप से भी परेशानी झेल रहे हैं।
पीटीआई संजय कुमार ने सुनाया दुखड़ा
गांवबाघोत निवासी पीटीआई संजय कुमार ने भास्कर को बताया कि वह वर्ष 2000 से राजकीय कन्या मिडिल स्कूल बडोली पलवल में कार्यरत है। जहां शहर में अपना स्वयं का मकान बनाकर वह अच्छी प्रकार से रह रहे थे। परंतु बीजेपी सरकार ने मार्च माह में अंतर जिला तबादले के आवेदन मांगे। उन्होंने भी इसके लिए आवेदन किया तो उन्हें महेंद्रगढ़ के गांव बुचौली में स्टेशन मिल गया। पिछले चार माह से वह मिले स्टेशन पर नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं परंतु आज तक विभाग ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि तबादले को लेकर वह अपनी बेटी का दाखिला भी अभी तक नहीं करवा पाए हैं।
महेंद्रगढ़. तबादलापत्र दिखाता परेशान शिक्षक संजय कुमार।
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