प्रदेश सरकार ने जिले के करीब 500 जेबीटी शिक्षकों को शिक्षक दिवस का तोहफा दिया है। सरकार ने इन्हें कंफर्म कर दिया है।
जिन शिक्षकों को कंफर्म किया गया है, उनमें वर्ष
2000 में हुई भर्ती व कुछ अदालती मामलों को छोड़कर सभी जेबीटी शिक्षक शामिल
हैं। सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
दरअसल, तकनीकी रूप से स्थायी होते हुए भी बिना कंफर्म हुए अभी तक जेबीटी शिक्षकों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल रहा था।
कुछ समय पहले मौलिक शिक्षा निदेशालय ने निर्धारित मानदंड पूरे करने वाले जेबीटी शिक्षकों को कंफर्म करने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए थे।
नियुक्ति देने वाले अधिकारी की हैसियत से ही जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को कंफर्म कर दिया है। इस फैसले से वेतन-भत्ते पर बेशक कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
लेकिन इससे सही मायने में उन्हें स्थायीकरण की श्रेणी में शामिल होने का अवसर मिला है। अब शिक्षक भी अपनी सर्विस फाइल के कागजात पूरे करने में जुट गए हैं। कुछ जेबीटी शिक्षकों का कहना है कि करीब 25 साल बाद उन्हें कंफर्म किया जा रहा है।
वर्ष 2000 की नियुक्ति कंफर्म नहीं
वर्ष 2000 में नियुक्त हुए जेबीटी शिक्षकों को छोड़कर वर्ष 2011 तक के जेबीटी शिक्षकों को स्थायीकरण का आदेश मिला है। वर्ष 2000 में लगे जेबीटी शिक्षकों को अभी स्थायीकरण का लाभ नहीं मिलेगा।
उनका मामला न्यायालय में चल रहा है। इसके अलावा भी जिन शिक्षकों के मामले न्यायालय, विभाग या जांच प्रक्रिया में हैं उन्हें भी स्थायी नहीं किया जाएगा।
शिक्षकों ने बताया संघर्ष का परिणाम
जेबीटी शिक्षकों ने उच्च विभाग के आदेश को लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत का परिणाम बताया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान चत्तर सिंह ने इस मामले को लेकर विशेष बैठक हुई। इसमें पदाधिकारियों व अन्य प्राथमिक शिक्षकों ने भाग लिया। सभी शिक्षकों द्वारा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी का भी इसके लिए आभार व्यक्त किया गया।
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दरअसल, तकनीकी रूप से स्थायी होते हुए भी बिना कंफर्म हुए अभी तक जेबीटी शिक्षकों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल रहा था।
कुछ समय पहले मौलिक शिक्षा निदेशालय ने निर्धारित मानदंड पूरे करने वाले जेबीटी शिक्षकों को कंफर्म करने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए थे।
नियुक्ति देने वाले अधिकारी की हैसियत से ही जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को कंफर्म कर दिया है। इस फैसले से वेतन-भत्ते पर बेशक कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
लेकिन इससे सही मायने में उन्हें स्थायीकरण की श्रेणी में शामिल होने का अवसर मिला है। अब शिक्षक भी अपनी सर्विस फाइल के कागजात पूरे करने में जुट गए हैं। कुछ जेबीटी शिक्षकों का कहना है कि करीब 25 साल बाद उन्हें कंफर्म किया जा रहा है।
वर्ष 2000 की नियुक्ति कंफर्म नहीं
वर्ष 2000 में नियुक्त हुए जेबीटी शिक्षकों को छोड़कर वर्ष 2011 तक के जेबीटी शिक्षकों को स्थायीकरण का आदेश मिला है। वर्ष 2000 में लगे जेबीटी शिक्षकों को अभी स्थायीकरण का लाभ नहीं मिलेगा।
उनका मामला न्यायालय में चल रहा है। इसके अलावा भी जिन शिक्षकों के मामले न्यायालय, विभाग या जांच प्रक्रिया में हैं उन्हें भी स्थायी नहीं किया जाएगा।
शिक्षकों ने बताया संघर्ष का परिणाम
जेबीटी शिक्षकों ने उच्च विभाग के आदेश को लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत का परिणाम बताया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान चत्तर सिंह ने इस मामले को लेकर विशेष बैठक हुई। इसमें पदाधिकारियों व अन्य प्राथमिक शिक्षकों ने भाग लिया। सभी शिक्षकों द्वारा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी का भी इसके लिए आभार व्यक्त किया गया।