फतेहाबाद: सरकारी कर्मचारियों की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक गोपनीय
रिपोर्ट को शिक्षा विभाग दो साल से भूल चुका है। जो कि हर साल लिखनी जरूरी
होती है। इसी के आधार पर पदोन्नति, वेतन वृद्धि जैसे कई लाभ देय होते हैं।
लेकिन शिक्षा विभाग 2015-16 के बाद इसे रिपोर्ट को लिखवाना भूल चुका है।
इसके लिए हालांकि चार वर्ष पहले नई योजना भी बनी थी। जिसे एपीएआर नाम दिया
गया। जिसे निदेशालय द्वारा प्रकाशित करके जिला मुख्यालय को भेजा जाता था।
जिला मुख्यालय फिर खंड स्तर से स्कूल स्तर पर भिजवाता था। लेकिन दो साल से
बुकलेट छपी ही नहीं। जिस वजह से न तो यह ऑनलाइन हुई और न ही मैनुअल लिखी
गई। शिक्षा विभाग से जुडे़ शिक्षक व अन्य स्टाफ के सभी लाभ प्रभावित हो रहे
हैं।
करीब चार साल पहले एक पेज की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट लिखी जाती थी।
जिसे डीडीओ लिखता था और इसे गोपनीय रखा जाता था। इसके बाद इसे बदल दिया गया
और वार्षिक मूल्यांकन निष्पादन रिपोर्ट नाम दिया गया। इसके लिए करीब 15 से
20 पेज की बुकलेट निदेशालय छपवाने लगा। इसे पहले शिक्षक व स्टाफ खुद भरकर
नंबर देता और फिर संबंधित डीडीओ नंबर देता था। मैनुअल के साथ इसे आनलाइन भी
चढ़ाया जाता। लेकिन वर्ष 2016-17 के बाद बुक लेट ही स्कूलों में नहीं
पहुंची है। इस वजह से स्टाफ की वार्षिक मूल्यांकन निष्पादन रिपोर्ट नहीं
लिखी गई है।
--प्रदेश में शिक्षकों की स्थिति
पद संख्या
जेबीटी - 23968
हेड टीचर - 2080
सीएंडवी - 11869
मास्टर - 10519
मिडिल हेडमास्टर - 3198
लेक्चरर - 21928
हेडमास्टर - 440
¨प्रसिपल - 1717
--ये मिलते हैं लाभ
सरकारी कर्मचारी के लिए वार्षिक निष्पादन रिपोर्ट लिखना जरूरी होता है।
इसी के आधार पर शिक्षक को राष्ट्रपति, राज्यपाल अवार्ड, वेतन वृद्धि,
प्रमोशन तरह के कई लाभ मिलते हैं। लेकिन ये रिपोर्ट ही न लिखे जाने के कारण
शिक्षकों व अन्य स्टाफ को लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
--शिक्षकों के लिए पदोन्नति, एसीपी केस व राज्य पुरस्कार के लिए पिछले
दस सालों की एपीएआर अति महत्वपूर्ण है। विभाग ने पिछले दो साल से एपीएआर
जैसे मुख्य कार्य पर निष्क्रियता दिखाई है। संघ की निदेशक के साथ सात मार्च
के करीब बैठक में आश्वासन मिला था कि यह मामला शीघ्र अति शीघ्र हल हो
जाएगा। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
- सुरेश लितानी
राज्य महासचिव, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा
--मुख्य शिक्षक के पद पर पदोन्नति होनी थी जो कि अभी तक नहीं हुई है।
इसका मुख्य कारण पिछले दो साल से एपीएआर न लिखा जाना है। पहले एक पेज की
लिखी जाती थी लेकिन बदलाव के बाद दो साल ही लिखी गई, उसके बाद बुकलेट ही
छपकर नहीं आई।
- देवेंद्र ¨सह दहिया
शिक्षक, राजकीय प्राथमिक पाठशाला हिजरावां कलां
--एपीएआर न लिखे जाने के कारण मेरी सेवावृद्धि रूकी हुई है। जो कि तीन
साल के लिए बढ़ने थी। पिछले दो साल की एपीएआर न होने के कारण परेशानी हो
रही है।
बंत ¨सह,मुख्य शिक्षक
--मुख्यालय की तरफ से इस संबंध में अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं आई है।
मुख्यालय से पत्राचार किया जाएगा, जैसे ही कोई गाइडलाइन आएगी, उसे अमल में
लिया जाएगा।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद
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