29 अप्रैल को सीएम सीटी करनाल में हरियाणा राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) के प्रस्तावित चुनाव विवादों में आ गया है। प्रत्यक्ष चुनाव की मांग करते हुए प्रदेश के कई काॅलेजों के शिक्षकों ने चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
साहा व सांपला के शिक्षकों ने तो एचजीसीटीए के प्रधान को पत्र तक लिख दिया है जिसमें प्रत्यक्ष चुनाव की मांग की है।
सांपला के शिक्षकों ने चुनाव प्रत्यक्ष न करवाना संघ के लोकतंत्र की स्वतंत्रता पर हमले का आरोप जड़ा है। ऐसे में अब 29 अप्रैल के चुनाव को लेकर प्राध्यापकों में मतभेद शुरू हो गए हैं।
चुनाव अधिकारी की मानें तो करीब 8 काॅलेजों ने मतभेज जाहिर किया है। ऐसे में चुनाव में खड़ा हुआ विवाद संगठन की एकता पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। हरियाणा राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) की कमेटी का कार्यकाल समाप्त हो गया है। नई कार्यकारिणी के लिए 29 अप्रैल को करनाल में चुनाव होने हैं। हैरानी की बात यह है कि इन चुनाव में सभी शिक्षकों की भागीदारी नहीं है। बल्कि प्रत्येक 7 शिक्षक अपना एक प्रतिनिधि भेजेंगे। जो उनकी तरफ से वोट डालेगा। सांपला व भट्टू कला के शिक्षकों का कहना है कि बड़े काॅलेजों के शिक्षक आपस में पूल कर मनमर्जी से पदाधिकारी बन जाते हैं। जबकि प्रत्यक्ष चुनाव होगा तो सेटिंग नहीं हो पाएगी। शिक्षक रोशन लाल ने बताया कि पिछले कई सालों से प्रत्यक्ष चुनाव की मांग कर रहे हैं। हर बार एक ही आश्वासन मिलता है कि अगली बार चुनाव प्रत्यक्ष होंगे लेकिन नहीं हो रहे।
साल 2017 में एसो. का हुआ था पंजीकरण
एचजीसीटीए के संविधान निर्माता कमेटी के पदाधिकारी प्रो. एमएल गोयल ने कहा कि एचजीसीटीए का नया संविधान साल 2017 में तैयार किया गया। फर्म सोसायटी एक्ट के तहत साल 2017 में पंजीकरण हुआ। इसमें चुनाव के नियम में भी परिवर्तन किए गए हैं। पहले 10 शिक्षकों का एक प्रतिनिधि को वोट डालने का अधिकार था अब 7 शिक्षकों के एक प्रतिनिधि सहित प्रत्येक काॅलेज की लोकल यूनिट के प्रधान व सचिव को वोट देने का अधिकार है।
चुनाव अधिकारी के अनुसार ये है स्थिति
प्रदेश के काॅलेज 110
नियमित प्राध्यापक करीब 2500
डेलीगेट्स 505
कमेटी का कार्यकाल 2 वर्ष
इन पदों के होंगे चुनाव - प्रधान, उपप्रधान, महासचिव, संयुक्त सचिव, संगठन सचिव, कोषाध्यक्ष।
चुनाव 29 अप्रैल को करनाल में : निहाल सिंह
चुनाव प्रक्रिया सही है। शिक्षकों द्वारा चुने प्रतिनिधि अपना वोट डालते हैं ताे वह सबका प्रतिनिधित्व होता है। नए संगठन संविधान के अनुसार चुनाव 29 अप्रैल को करनाल में होंगे। निहाल सिंह, महासचिव, एचजीसीटीए।
प्रत्यक्ष चुनाव के पीछे शिक्षकों के तर्क
चुनाव के दिन से पहले तक शिक्षकों को यह जानकारी नहीं होती की पदों के लिए कौन कौन प्रत्याशी है।
बड़े कालेज के शिक्षक अपने स्तर पर पूल कर लेते है और उसमें जिन काॅलेजों में शिक्षक हैं उनकी भागीदारी न के बराबर होती है। इसलिए उन्हें तवज्जो नहीं मिल पाती।
शिक्षक हर बार कर रहे प्रत्यक्ष चुनाव की मांग : सुरेश मलिक
प्रत्यक्ष चुनाव की मांग कई काॅलेजों के शिक्षक हर बार कर रहे हैं। लेकिन यह संभव नजर नहीं आ रहा है। उनके द्वारा चुने गए 505 प्रतिनिधि 6 पदों के लिए वोट डालेंगे। पहले कई काॅलेजों के शिक्षक की इसमें नाराजगी नजर आ रही थी। लेकिन अब करीब 8 काॅलेज ही ऐसे बचे हँ जिन्होंने अपने प्रतिनिधि का नाम नहीं भेजा है। चुनाव नियमानुसार होंगे। सुरेश मलिक, चुनाव अधिकारी, एचजीसीटीए।
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