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टीचर्स पूरे, नहीं पढ़ाने के लिए बना रहे बहाना - बंसी लाल शर्मा

शिक्षा सचिव ने प्रेस मीट के दौरान कहा, 48 फीसदी रिजल्ट चिंताजनक
टीचर्स पर होगी सख्त कार्रवाई, हम खाली पोस्ट्स को भरेंगे

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सरकारी स्कूलों में टीचर्स पूरे हैं। वे पढ़ाने की जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, इसलिए सरकारी स्कूलों का रिजल्ट खराब आया है। अगर वे सही तरीके से नहीं पढ़ाएंगे तो टीचर्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बात प्रेस मीट के दौरान चंडीगढ़ के शिक्षा सचिव बंसी लाल शर्मा ने कही। इस दौरान चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के डीएसई रूबिंदर जीत सिंह बराड़ भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षक पूरे हैं। एक टीचर पर 35 छात्र हैं। यह शिक्षा के अधिकार को पूरा कर रहा है।
चंडीगढ़ के स्कूलों में इतना इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होने के बावजूद रिजल्ट खराब होना दयनीय है। टीचर्स अपना काम करने से बच रहे हैं। शहर की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए चंडीगढ़ शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। चंडीगढ़ शिक्षा सचिव बंसी लाल शर्मा ने बताया कि हमारे पास जो भी टीचर्स की कमी है, उन्हें पूरा कर रहे हैं। हम स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन लाने के लिए प्रिंसिपल की दो पोस्ट, गवर्नमेंट हाईस्कूल के हेड मास्टर की आठ, पीजीटी की 37, टीजीटी की 199, जेबीटी की 208 और एनटीटी की 51 पोस्ट भर रहे हैं। इनकी मंजूरी मिल चुकी है। 504 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग तैयारी कर चुका है।
शिक्षा सचिव ने कहा कि इस बार दसवीं का रिजल्ट 48 फीसदी आया है। शिक्षक पूरे होने के बाद स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो पाई है। इस कारण रिजल्ट खराब हो गया है। यहां इतने अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर के बाद पढ़ाई नहीं हुई। टीचर्स अपना काम पूरी ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं इसलिए शिक्षा विभाग उन्हें शो काज नोटिस दे रहा है। टीचर्स धरना प्रदर्शन के बजाय पढ़ाने का काम पूरी ईमानदारी से करते तो यह हालात नहीं होती। प्रदर्शन के बजाय उन्हें स्टूडेंट्स की एक्स्ट्रा क्लास लगानी चाहिए।

अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
चंडीगढ़ शिक्षा सचिव बंसी लाल शर्मा ने बताया कि अब प्रिंसिपल और टीचर्स के अलावा अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जो जांच अधिकारी सही तरीके से जांच नहीं करेंगे तो हम उन पर सख्त कार्रवाई करेंगे। हमने स्कूल की जांच के लिए नौ कमेटी बनाई हैं। ये स्कूलों में जांच करेंगी। किस स्टूडेंट्स ने क्या पढ़ा है? इसका भी सही तरीके से जवाब देना होगा। शिक्षा विभाग की ओर से 20 साल से अधिक जमे शिक्षकाें का पेरीफेरी के स्कूलों में ट्रांसफर किया जाएगा।

पांच फीसदी से कम रहा है 60 शिक्षकाें का रिजल्ट
नोटिस देने वाले 60 टीचर्स का रिजल्ट पांच फीसदी से कम रहा है, इसलिए इन स्कूलों के शिक्षकों को नोटिस दिया गया है। क्वालिटी एजुकेशन के लिए स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम इसकी रिप्रेजेंटेशन गवर्नर को देंगे। स्कूलों की शिक्षा में गुणवत्ता लाना हमारा मुख्य मकसद है।

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