पंजाब यूनिवर्सिटी व इससे संबद्ध पंजाब के 110 कॉलेजों में हजारों शिक्षकों
की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। यूजीसी ने आदेश जारी कर दिए हैं कि
शिक्षण संस्थान भर्तियां शुरू कर सकते हैं। आदेश के बाद पीयू व अन्य कॉलेज
बजट की व्यवस्था में जुट गए हैं, क्योंकि इसकी व्यवस्था आंतरिक स्रोत से ही
करनी होगी।
वर्षों से पीयू व इससे संबद्ध कॉलेजों में छह हजार से अधिक शिक्षकों के पद
रिक्त चले आ रहे हैं। पीयू में भी 800 शिक्षकों के पद खाली हैं। इसका सीधा
असर स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर पड़ रहा है। साथ ही शिक्षकों पर भी अतिरिक्त
भार पड़ रहा है। रैंकिंग पर भी इसका असर पड़ रहा है। वीसी प्रो. राजकुमार
ने ज्वाइन करने के बाद इस मामले को गंभीरता से लिया और उन्होंने यूजीसी को
पत्र भेजा।
बताते हैं कि यूजीसी में इसको लेकर बोर्ड की बैठक हुई और अब भर्तियां करने के लिए हरी झंडी दे दी है। पीयू व कॉलेजों में इसकी तैयारियां चल रही हैं लेकिन रकम की व्यवस्था संस्थानों को अपने आंतरिक स्रोत से ही करनी होगी, इसलिए पहले पीयू धन की व्यवस्था में लगा है। सूत्र बताते हैं कि आठ से दस करोड़ रुपये बढ़ाई गई फीस से आएंगे।
बताते हैं कि यूजीसी में इसको लेकर बोर्ड की बैठक हुई और अब भर्तियां करने के लिए हरी झंडी दे दी है। पीयू व कॉलेजों में इसकी तैयारियां चल रही हैं लेकिन रकम की व्यवस्था संस्थानों को अपने आंतरिक स्रोत से ही करनी होगी, इसलिए पहले पीयू धन की व्यवस्था में लगा है। सूत्र बताते हैं कि आठ से दस करोड़ रुपये बढ़ाई गई फीस से आएंगे।