वीसी प्रो. राजकुमार ने 10 फीसदी महंगाई भत्ता जल्द देकर पीयू के 10 हजार
शिक्षक व कर्मचारियों को ‘बड़ा तोहफा’ दिया है। पहले यह महंगाई भत्ता 154
फीसदी था जो अब 164 फीसदी मिलेगा। इसके आदेश बुधवार को एफडीओ विक्रम नैय्यर
ने जारी कर दिए हैं। सभी को जुलाई से लेकर अक्तूबर तक का एरियर भी मिलेगा।
बढ़ी हुई रकम दिसंबर से खाते में आएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इसका पता चलते ही शिक्षकों व कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पीयू में नियमित व गेस्ट फैकल्टी वाले शिक्षकों की संख्या दो हजार से अधिक है।
इसी तरह नियमित कर्मचारियों की संख्या तीन हजार के पास है। कांट्रेक्ट
कर्मचारी, डेली वेजेज व पेंशनरों की संख्या भी 3000 से अधिक है। इन सभी को
पहले महंगाई भत्ता 154 फीसदी दिया जाता था जो कि कम था। 2 फरवरी को हुई
बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में प्रस्ताव आया। इसके बाद यह प्रस्ताव 22 फरवरी
को प्रस्ताव सिंडिकेट में लाया गया और 22 मार्च को सीनेट में इसे हरी झंडी
दी गई थी। लेकिन कुछ अड़चनें खड़ी होने के कारण उसे दुरुस्त करने के लिए
कहा गया था। काफी समय से इस पर काम चल रहा था।
बुधवार को एफडीओ ने इसके आदेश जारी कर दिए। सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को महंगाई भत्ता बढ़ाकर देने को कहा है। सभी विभागों को यह आदेश जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि पीयू पर पांच से छह करोड़ रुपये का भार इस डीए से पड़ेगा, लेकिन समय की जरूरत के मुताबिक उन्हें लाभ देना जरूरी था। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि वीसी प्रो. राजकुमार ने उन्हें यह तोहफा दिया है।
इसका पता चलते ही शिक्षकों व कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पीयू में नियमित व गेस्ट फैकल्टी वाले शिक्षकों की संख्या दो हजार से अधिक है।
बुधवार को एफडीओ ने इसके आदेश जारी कर दिए। सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को महंगाई भत्ता बढ़ाकर देने को कहा है। सभी विभागों को यह आदेश जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि पीयू पर पांच से छह करोड़ रुपये का भार इस डीए से पड़ेगा, लेकिन समय की जरूरत के मुताबिक उन्हें लाभ देना जरूरी था। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि वीसी प्रो. राजकुमार ने उन्हें यह तोहफा दिया है।