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1800 से अधिक शिक्षकों के निशान फर्जी , फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर

प्रदेश शिक्षा विभाग में वर्ष 2011 मे जेबीटी पदों पर भिवानी में भर्ती हुये अध्यापकों में से जिन 60 शिक्षकों के अंगूठों के मिलान नहीं हुई हैं उनके खिलाफ विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें 80 फीसदी यानी 48 महिलाएं और 12 पुरुष शिक्षक हैं। निदेशालय के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी प्रक्रिया आरंभ कर दी है। रविवार की छुट्टी के बाद दफ्तर खुलने पर फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ये वही शिक्षक हैं, जो वर्ष 2011 में फर्जी तरीके से भर्ती हुए थे।

वर्ष 2011 में हुई जेबीटी चयन प्रक्रिया में वंचित उम्मीदवारों ने चयन में धांधली का आरोप लगाया था। इसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट के निर्देश पर पिछले दिनों सरकार ने संदेह के घेरे में आने वाले 6049 शिक्षकों के अंगूठे के निशान का मिलान कराया। हस्ताक्षर लेकर उन्हें जांच के लिए मधुबन फोरेंसिक लैब भेजा गया था। इसमें 1800 से अधिक शिक्षकों के निशान फर्जी मिले थे। सर्वाधिक उम्मीदवार भिवानी जिले से हैं। जिले के बोगस अंगुठे वाले कई अध्यापकों को मेवात में भी नियुक्तियां मिली थी। यही कारण है कि मेवात में जिनके अंगुठे के निशान फर्जी पाये गये उनकी संख्या 234 है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने इन शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। भिवानी के 60 शिक्षक शामिल हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतबीर सिंह सिवाच ने कहा कि इनके खिलाफ सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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