स्कूलों में न शिक्षक न संसाधन, कैसे हो सुधार
** सुविधाएं न होने से अभिभावक दाखिले से कतरा रहे
फतेहाबाद : सरकारी स्कूलों में शिक्षक की कमी के चलते शिक्षा स्तर गिरता जा रहा है। स्कूलों में अब न शिक्षक है और न ही उचित संसाधन। शिक्षा विभाग भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आये दिन अधिकारियों द्वारा यह आश्वासन दिये जाते है कि जल्द शिक्षकों की कमी पूरी होगी, लेकिन वह कमी पूरी होती कही दिख ही
नहीं है। जिले में 628 सरकारी स्कूलों है। जिले इन स्कूलों में करीब दो हजार शिक्षकों की कमी है। इन्हीं कमी चलते बीते दिनों 246 गेस्ट शिक्षकों को भी हटा दिया गया। जिले में 300 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब हो रही है। हर साल शिक्षा स्तर गिरता जा रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग गिरते हुए शिक्षा स्तर की तरफ कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। एक तरफ तो सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने की तैयारी चल रही है। वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में शिक्षक के खाली पदों को भरा ही नहीं जा रहा है।
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** सुविधाएं न होने से अभिभावक दाखिले से कतरा रहे
फतेहाबाद : सरकारी स्कूलों में शिक्षक की कमी के चलते शिक्षा स्तर गिरता जा रहा है। स्कूलों में अब न शिक्षक है और न ही उचित संसाधन। शिक्षा विभाग भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आये दिन अधिकारियों द्वारा यह आश्वासन दिये जाते है कि जल्द शिक्षकों की कमी पूरी होगी, लेकिन वह कमी पूरी होती कही दिख ही
नहीं है। जिले में 628 सरकारी स्कूलों है। जिले इन स्कूलों में करीब दो हजार शिक्षकों की कमी है। इन्हीं कमी चलते बीते दिनों 246 गेस्ट शिक्षकों को भी हटा दिया गया। जिले में 300 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब हो रही है। हर साल शिक्षा स्तर गिरता जा रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग गिरते हुए शिक्षा स्तर की तरफ कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। एक तरफ तो सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने की तैयारी चल रही है। वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में शिक्षक के खाली पदों को भरा ही नहीं जा रहा है।