जागरण संवाददाता, भिवानी : लघु सचिवालय के बाहर अपनी नौकरी बहाली के लिए लगातार 196 दिनों से शारीरिक शिक्षकों संघर्षरत हैं। शिक्षकों ने सोमवार को सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हरियाणा शारीरिक शिक्षकों ने इस
दौरान अपनी बहाली के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अपने खून से पत्र लिखा। शिक्षकों ने कहा कि जब तक उन्हें बहाल नहीं किया जाता तब तक वे अपने खून से ऐसे ही पत्र लिखते रहेंगे। धरनारत शारीरिक शिक्षकों की अध्यक्षता हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के जिला प्रधान दिलबाग जांगड़ा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शारीरिक शिक्षकों ने यह कदम कुम्भकर्णी नींद में सोयी सरकार को जगाने के लिए उठाया है। इस दौरान शारीरिक शिक्षकों के आश्रित भी मानसिक परेशानियां झेल रहे हैं। उनकी नौकरी जाने के लिए उनकी पढ़ाई भी बाधित हो रही है। बैंक ऋण जमा ना करवाने के कारण बैंक कर्मचारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बर्खास्तगी की मांग झेल रहे पीटीआइ अध्यापकों का तनाव के चलते आकसिमक निधन हो रहा है। सभी शारीरिक शिक्षकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिता भी सता रही है। क्रमिक अनशन पर उदयभान, विनोद सांगा, मदन लाल सरोहा, सुरेंद्र सिंह को प्रतिनिधियों ने बैठाया। इस अवसर पर राजेश लांबा पूर्व राज्य प्रधान, अजीत राठी जिला प्रधान, जंगबीर कासनिया, राकेश मलिक, सूरजभान जटासरा, लीलावती हैड टीचर, सुनील गोलपुरिया, विनोद कुमार पिकू, राजेश भुक्कल, भूप सिंह डीपीई, बलजीत तालू, पवन बडदू, प्रवीण कुमारी, मीनू रानी, मुकेश कुमारी, सरिता देवी, सतीश कुमार, सुनील जांगड़ा, कर्मजीत, राजेश श्योराण, जिले सिंह, सतीश कुमार, मुकेश कुमार आदि शारीरिक शिक्षक उपस्थित थे।Haryana2Day brings you the latest news, government updates, education news, job notifications, and local events from Haryana.
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