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Pahal Programme - राज्य के 3222 स्कूलों में लागू हो रहा महत्वाकांक्षी प्रोग्राम

राज्य के 3222 स्कूलों में लागू हो रहा महत्वाकांक्षी प्रोग्राम,गणित-हिंदी के प्रति रुझान पैदा करेगी प्रदेश सरकार
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप के सहयोग से तैयार की गई राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल-सीखने की आदत में वृद्धि का कार्यक्रम (एलईपी) सोमवार से प्रदेश के 3222 प्राथमिक स्कूलों में लागू हो जाएगा।
1शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने बताया कि सीखने में वृद्धि के कार्यक्रम के तहत हरियाणा के गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के भाग के रूप में गत महीने सरकारी प्राथमिक स्कूलों के 18000 अध्यापकों को प्रशिक्षित किया गया है। 3222 स्कूलों में 6 लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें पहले घंटे में सीखने की वृत्ति में वृद्धि का कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें अध्यापक विशेष पुस्तकों का प्रयोग करेंगे। मंत्री के अनुसार इन पुस्तकों के माध्यम से निम्न शैक्षणिक वगोर्ं की महत्वपूर्ण क्षमताओं में वृद्धि की जाएगी ताकि विद्यार्थियों और उनकी वर्तमान कक्षा के बीच अध्ययन की व्यापक खाई को पाटा जा सके। यह कार्यक्रम वर्तमान में हंिदूी और गणित पर केन्द्रित है। नवंबर में इसमें अंग्रेजी का विषय भी जोड़ दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विद्यार्थी अपनी वर्तमान कक्षा के स्तर तक आने के लिए अनिवार्य क्षमता अर्जित कर सकें। जिला तथा खंड मौलिक अधिकारियों और डाइट प्रिंसिपलों को सीखने की वृत्ति में वृद्धि कार्यक्रम वाले (एलईपी) स्कूलों की निगरानी के लिए इनका नियमित दौरा करने को कहा गया है। वे अपनी टिप्पणी आनलाइन भेजेंगे। इससे प्रगति की आंकड़ों पर आधारित समीक्षा हो सकेगी तथा समय के साथ-साथ कार्यक्रम के सुधार में भी मदद मिलेगी। इसके लिए खंड तथा कलस्टर स्तर पर 400 सलाहकारों को प्रशिक्षित किया गया है, जो प्रत्येक 15 दिन में सीखने की वृत्ति में वृद्धि कार्यक्रम वाले (एलईपी) स्कूलों का दौरा करेंगे और क्लास रूम के अंदर अध्यापकों को शैक्षणिक सहायता भी उपलब्ध करवाएंगे। इस कार्यक्रम को शेष वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के दौरान अगले वर्ष से सभी 9000 प्राथमिक स्कूलों में लागू करने की है।

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