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134 ए नियम : निजी स्कूलों को मिली 10 दिन की मोहलत

आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को आरटीआई एक्ट 134ए के तहत दाखिला देने वाले निजी स्कूल को छात्रों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से 10 दिन की मोहलत मिल गई है। शिक्षा विभाग ने यह फैसला बुधवार को एसडी सी.से स्कूल में निजी स्कूल संचालकों के साथ हुई बैठक में लिया। निर्धारित समय 24 फरवरी के बाद जो स्कूल एमआईएस पोर्टल पर डाटा सबमिट नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अलावा 134ए के तहत छात्रों को एडमिशन देने के एवाज में विभाग से बजट पाने के लिए स्कूलों को शुक्रवार तक आवेदन करना होगा।
विदित हो कि, इसबार शिक्षा विभाग ने 134ए के तहत एडमिशन देने में कुछ स्कूलों द्वारा की जा रही घपलेबाजी को रोकने के लिए एमआईएस (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल पर छात्रों के आधार नंबर सहित पूरी जानकारी मांग ली है। वह भी सन 2013 से अब तक एडमिशन प्राप्त कर चुके सभी छात्रों की। शिक्षा विभाग के इस फरमान के बाद स्कूल संचालकों के हाथपांव फूल गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर शिक्षा विभाग ने बुधवार को बैठक बुलाई थी। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सरोज बाला गुर ने बैठक में स्कूल संचालकों को फटकार लगाते हुए कहा कि जिन स्कूलों ने 134ए नियम का गलत फायदा उठाया है, वे इसबार नहीं बचेंगे।

इसलिए अच्छी इसी में है कि वे विभाग को पूरी और सही जानकारी उपलब्ध कराए। वहीं स्कूल संचालकों ने कहा कि एमआईएस पोर्टल पर पूरा डाटा अपलोड करने में काफी समय लग रहा है। इसलिए विभाग सभी स्कूल संचालकों को दो-तीन सप्ताह का और समय दे। स्कूल संचालकों की मांग पर सहमति देते हुए सरोज बाला गुर ने स्कूल संचालकों को डाटा अपलोड करने के लिए 10 दिन का और समय दे दिया।

24 फरवरी के बाद स्कूलों को मिलेगा नोटिस, दर्ज होगी एफआईआर
शिक्षा विभाग ने स्कूल संचालकों को कुछ दिन की मोहलत भले ही दे दी हो, लेकिन धांधली करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने से अपने कदम पीछे नहीं खींचे हैं। शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि स्कूल संचालकों को यह आखिरी मौका दिया गया है पूरा डाटा उपलब्ध कराने के लिए। 24 फरवरी के बाद ऐसे स्कूलों को विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा। जो स्कूल संचालक नोटिस का सही जवाब नहीं देते हैं, उनपर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें स्कूलों पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ-साथ मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई होगी।

एमआईएस पोर्टल पर डाटा अपलोड होने के बाद रुकेगा फर्जीवाड़ा
शिक्षा विभाग ने यह सख्त कदम आरटीआई एक्ट 134ए  के तहत दाखिला देने में निजी स्कूलों द्वारा किए जा रहे फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उठाया है। विभाग अभी तक दाखिले के बाद निजी स्कूलों से सिर्फ दाखिल किए गए छात्रों की संख्या की ही जानकारी मांगता था। कई स्कूल संचालक इसका ऌगलत फायदा उठाकर फर्जीवाड़ा करते थे। लेकिन इसबार विभाग ने सभी स्कूलों से 2013 से अब तक 134 ए नियम के तहत दाखिल किए गए सभी छात्रों की जानकारी उनके आधार कार्ड नंबर के साथ मांग ली। आधार नंबर की जानकारी मिलने के बाद विभाग यह जांच कर सकेगा कि, इस नियम के तहत दाखिला पाने वाला छात्र योजना का पात्र है कि नहीं। इस योजना से आगे भी स्कूल संचालक कभी दाखिला देते समय फर्जीवाड़ा नहीं कर सकते हैं।

स्कूलों को आखिरी बार यह मौका दिया गया है, 24 फरवरी के बाद विभाग अपनी कार्रवाई शुरू करेगा। फर्जीवाड़ा करने वाले स्कूलों को पहले नोटिस भेजा जाएगा, इसके बाद कानूनी कार्रवाई होगी। इसमें एफआईआर दर्ज कराने के साथ स्कूल की मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान शामिल है।
सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, करनाल। 

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