जागरण संवाददाता,सोनीपत : राजकीय स्कूलों को वर्षो से बायोमीट्रिक
हाजिरी से जोड़ने की कवायद चल रही है, लेकिन विभागीय अनदेखी के कारण यह
व्यवस्था सुचारू नहीं हो पा रही है। अब भी जिले की बायोमीट्रिक हाजिरी
शत-प्रतिशत नहीं है। जिले के 60 फीसद स्कूलों में ही बायोमीट्रिक हाजिरी
लगती है।
15 फरवरी को शिक्षा विभाग के एक हजार 626 कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगी है। इस हिसाब से यह सभी कर्मचारी अनुपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग में 5 हजार 81 पंजीकृत कर्मचारी हैं। इनमें से 15 फरवरी को 3 हजार 455 कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी लगी है। जिनकी हाजिरी नहीं लगी है वह कर्मचारी बिना हाजिरी लगाए ही तनख्वाह पाएंगे। यह एक दिन की स्थिति नहीं है। जिले में बड़ी संख्या में स्कूल ऐसे हैं जिनके शिक्षक व अन्य कर्मचारी नियमित रूप से बायोमीट्रिक हाजरी नहीं लगाते हैं। लगभग 10 स्कूलों में तो बायोमीट्रिक मशीन भी नहीं लगी हुई हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने पिछले दिनों कई स्कूल प्राचार्यों को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कुछ शिक्षकों की शिकायत आला अधिकारियों तक भी पहुंचाई है। जहां पर बायोमीट्रिक मशीन है वह तकनीकी खराबी है या दूसरी कोई कमी है तो स्कूल प्रबंधन द्वारा उसको ठीक करने का प्रयास नहीं किया जाता है। उच्च अधिकारियों से भी इसकी रिपोर्ट नहीं की जाती है। सभी सोचते हैं जैसा चल रहा है ठीक है।
प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के कारण पिछड़ रहे
अधिकारियों का कहना है प्राथमिक और मिडिल स्कूलों की बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण जिला बायोमीट्रक हाजिरी में पिछड़ रहा है। सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों की स्थिति तो ठीक है। लेकिन आज के आंकड़े देखें तो सीनियर सेकेंडरी और सेकेंडरी स्कूलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
ट्रेजरी से जुड़ेगी तो होंगे गंभीर
शिक्षक व कर्मचारी बायोमीट्रिक हाजिरी को लेकर तभी गंभीर होंगे जब यह ट्रेजेरी से जुड़ेगी। बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाने पर जब उनको वेतन कटेगा तभी वह इसको लेकर सतर्क रहेंगे। तकनीकी खराबी हो या संसाधनों की कमी बता कर बायोमीट्रिक हाजिरी से बचने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बायोमीट्रिक हाजिरी को शत-प्रतिशत करने के लिए प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही बायोमीट्रिक को ट्रेजरी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। स्कूल प्राचार्यों व शिक्षकों को भी निर्देश दिए गए हैं।
जिले ¨सह, जिला शिक्षा अधिकारी
इन स्कूलों की नहीं लगी बायोमीट्रिक हाजिरी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिसाना, खरखौदा
राजकीय उच्च विद्यालय, चिटाना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तिहार बांगरू
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, म¨टडू, खरखौदा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हुल्लाहेड़ी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,कुंडली, राई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,भैंसवान खुर्द, कथूरा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,ताजपुर
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल
राजकीय उच्च विद्यालय, हलालपुर, राई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,राठधना, राई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,नांगलकलां
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,भैंसवाल कलां, गोहाना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, करेवड़ी
राजकीय उच्च विद्यालय, रसोई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भठगांव
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जुआं
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,जुआं
राजकीय उच्च विद्यालय, कटवाल, गोहाना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,बली ब्राह्मण,गोहाना
राजकीय उच्च विद्यालय, गोपालपुर, खरखौदा
राजकीय उच्च विद्यालय, बाजना कलां, गन्नौर
राजकीय उच्च विद्यालय कतलूपुर, राई
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जागसी, मुंडलाना
खंड शिक्षा अधिकारी,कार्यालय, गोहाना
15 फरवरी को शिक्षा विभाग के एक हजार 626 कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगी है। इस हिसाब से यह सभी कर्मचारी अनुपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग में 5 हजार 81 पंजीकृत कर्मचारी हैं। इनमें से 15 फरवरी को 3 हजार 455 कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी लगी है। जिनकी हाजिरी नहीं लगी है वह कर्मचारी बिना हाजिरी लगाए ही तनख्वाह पाएंगे। यह एक दिन की स्थिति नहीं है। जिले में बड़ी संख्या में स्कूल ऐसे हैं जिनके शिक्षक व अन्य कर्मचारी नियमित रूप से बायोमीट्रिक हाजरी नहीं लगाते हैं। लगभग 10 स्कूलों में तो बायोमीट्रिक मशीन भी नहीं लगी हुई हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने पिछले दिनों कई स्कूल प्राचार्यों को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कुछ शिक्षकों की शिकायत आला अधिकारियों तक भी पहुंचाई है। जहां पर बायोमीट्रिक मशीन है वह तकनीकी खराबी है या दूसरी कोई कमी है तो स्कूल प्रबंधन द्वारा उसको ठीक करने का प्रयास नहीं किया जाता है। उच्च अधिकारियों से भी इसकी रिपोर्ट नहीं की जाती है। सभी सोचते हैं जैसा चल रहा है ठीक है।
प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के कारण पिछड़ रहे
अधिकारियों का कहना है प्राथमिक और मिडिल स्कूलों की बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण जिला बायोमीट्रक हाजिरी में पिछड़ रहा है। सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों की स्थिति तो ठीक है। लेकिन आज के आंकड़े देखें तो सीनियर सेकेंडरी और सेकेंडरी स्कूलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
ट्रेजरी से जुड़ेगी तो होंगे गंभीर
शिक्षक व कर्मचारी बायोमीट्रिक हाजिरी को लेकर तभी गंभीर होंगे जब यह ट्रेजेरी से जुड़ेगी। बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाने पर जब उनको वेतन कटेगा तभी वह इसको लेकर सतर्क रहेंगे। तकनीकी खराबी हो या संसाधनों की कमी बता कर बायोमीट्रिक हाजिरी से बचने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बायोमीट्रिक हाजिरी को शत-प्रतिशत करने के लिए प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही बायोमीट्रिक को ट्रेजरी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। स्कूल प्राचार्यों व शिक्षकों को भी निर्देश दिए गए हैं।
जिले ¨सह, जिला शिक्षा अधिकारी
इन स्कूलों की नहीं लगी बायोमीट्रिक हाजिरी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिसाना, खरखौदा
राजकीय उच्च विद्यालय, चिटाना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तिहार बांगरू
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, म¨टडू, खरखौदा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हुल्लाहेड़ी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,कुंडली, राई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,भैंसवान खुर्द, कथूरा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,ताजपुर
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल
राजकीय उच्च विद्यालय, हलालपुर, राई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,राठधना, राई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,नांगलकलां
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,भैंसवाल कलां, गोहाना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, करेवड़ी
राजकीय उच्च विद्यालय, रसोई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भठगांव
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जुआं
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,जुआं
राजकीय उच्च विद्यालय, कटवाल, गोहाना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,बली ब्राह्मण,गोहाना
राजकीय उच्च विद्यालय, गोपालपुर, खरखौदा
राजकीय उच्च विद्यालय, बाजना कलां, गन्नौर
राजकीय उच्च विद्यालय कतलूपुर, राई
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जागसी, मुंडलाना
खंड शिक्षा अधिकारी,कार्यालय, गोहाना