डॉ.राधाकृष्णन समूचे विश्व को एक विद्यालय मानते थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी, विद्वान, शिक्षक, वक्ता, प्रशासक, राजनायिक, देशभक्त और शिक्षाशास्त्री डॉ. राधाकृष्णन जीवन में अनेक उच्च पदों पर रहते हुए भी शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देते रहे।
पंचकूला, (संजय पारवाला):
सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को अब अच्छे दिनों का इंतजार है और
इन बच्चों की नजरों में अच्छे दिन मिड-डे मिल के साथ 200 मि.ली. दूध मिलना
है।