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गेस्‍ट टीचर्स के खिलाफ पात्र अध्यापक मैदान में, मुफ्त पढ़ाने को तैयार

गेस्‍ट टीचर्स के खिलाफ पात्र अध्यापक मैदान में, मुफ्त पढ़ाने को तैयार
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। शिक्षा विभाग में टीजीटी एवं पीजीटी शिक्षकों की कमी के चलते गेस्ट टीचर्स को वापस एडजस्ट करने की मंशा के मुकाबले अब पात्र अध्यापक मैदान में उतर आए हैं। प्रदेश में टीजीटी व पीजीटी के विभिन्न विषयों में पात्रता परीक्षा पास बेरोजगार पात्र अध्यापकों ने 'नई पहल' नामक सामाजिक अभियान शुरू करने का निर्णय किया है। इसके तहत पात्र अध्यापक स्वैच्छिक रूप से विभाग को शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं।

'नई पहल' नामक मुहिम के तहत प्रत्येक जिले में टीजीटी एवं पीजीटी विषयों में अध्यापक पात्रता परीक्षा सहित संपूर्ण योग्यताएं रखने वाले पात्र अध्यापक अपनी सेवाएं निशुल्क देने को तैयार हैैं। इसके लिए वे अपनी सहमति का प्रार्थना पत्र भी शिक्षा विभाग को देंगे।
पात्र अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को दरकिनार कर अब गेस्ट टीचर्स को दोबारा नियुक्ति देने का प्रयास कर रहा है और हाईकोर्ट में इसके लिए अनुमति के वास्ते प्रार्थनापत्र भी दाखिल कर चुका है। संघ इसका हाई कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया के तहत तथ्यों के साथ कड़ा विरोध करेगा।
उन्होंने बताया कि 'नई पहल' मुहिम के तहत पढ़ाने वाले पात्र अध्यापक किसी प्रकार का मानदेय नहीं लेंगे और स्वैच्छिक शिक्षण के एवज में सिर्फ अनुभव प्रमाणपत्र प्रदान करने के अलावा अपने गांव या गांव के आसपास तीन-चार किलोमीटर के दायरे में स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षण कार्य आबंटित करने का आग्रह करेंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश में छह बार आयोजित हो चुकी अध्यापक पात्रता परीक्षा में करीब दो लाख युवा परीक्षा पास कर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं और शिक्षकों की सामान्य भर्ती के लिए 'पात्र अध्यापक संघ' नामक संगठन के जरिए सात वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।

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