चंडीगढ़, 4 जून (ट्रिन्यू) तीन साल के संघर्ष और हाईकोर्ट में चली लंबी बहस के बाद जेबीटी शिक्षकों को नौकरी तो मिली, लेकिन उनकी यह खुशी 36 दिन ही रही। हरियाणा सरकार ने कुल चयनित 12 हजार 731 जेबीटी शिक्षकों में से 1259 को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
इनमें से कई तो ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक नियुक्ति-पत्र भी नहीं मिला था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार सरकार द्वारा बनाई गई संयुक्त मैरिट सूची के चलते इन शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी है।
हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को शिक्षकों की ज्वाइनिंग से स्टे हटाया था। इसके बाद 2013 की भर्ती के मामले में 8 मई को अंतरिम आदेश सुनाए और फिर 24 मई को हाईकोर्ट ने संयुक्त मैरिट सूची तैयार करने के आदेश दिए। इससे पहले 9455 जेबीटी शिक्षकों को शिक्षा विभाग द्वारा 27 अप्रैल से नियुक्ति-पत्र जारी करने शुरू कर दिए गए थे। अभी तक 6700 के करीब शिक्षकों को ज्वाइन भी करवाया जा चुका है। नये सिरे से मैरिट सूची में 9455 के अलावा 2500 के करीब वे शिक्षक भी शामिल किए गये, जिन्होंने 2013 में पात्रता परीक्षा पास की हुई थी। 2012 में सरकार ने 9870 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। ऐसे में इतने ही शिक्षकों के हिसाब से मैरिट लिस्ट बनाई गई। इसके बाद लोअर मैरिट में आने वाले शिक्षकों को बर्खास्त करने के आदेश शिक्षा विभाग ने जारी कर दिए। कुल 1259 जेबीटी शिक्षकों को नौकरी से हटाने का फरमान जारी किया गया है। इनमें से 1017 जेबीटी शिक्षक हरियाणा कैडर से हैं। वहीं 242 मेवात कैडर के हैं। मेवात के लिए सरकार ने अलग कैडर बनाया हुआ है और इस कैडर के लिए भर्ती भी अलग से होती है।
अब फिर संघर्ष
किसी भी चयनित शिक्षक को नौकरी से नहीं हटने दिया जाएगा। सीएम से मुलाकात का समय मांगा गया है। सोमवार को पंचकूला में शिक्षा सदन के बाहर शिक्षक इकट्ठे होंगे और आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। हाईकोर्ट में भी सरकार के इस फैसले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। -राजेंद्र शर्मा, अध्यक्ष पात्र अध्यापक संघ
इनमें से कई तो ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक नियुक्ति-पत्र भी नहीं मिला था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार सरकार द्वारा बनाई गई संयुक्त मैरिट सूची के चलते इन शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी है।
हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को शिक्षकों की ज्वाइनिंग से स्टे हटाया था। इसके बाद 2013 की भर्ती के मामले में 8 मई को अंतरिम आदेश सुनाए और फिर 24 मई को हाईकोर्ट ने संयुक्त मैरिट सूची तैयार करने के आदेश दिए। इससे पहले 9455 जेबीटी शिक्षकों को शिक्षा विभाग द्वारा 27 अप्रैल से नियुक्ति-पत्र जारी करने शुरू कर दिए गए थे। अभी तक 6700 के करीब शिक्षकों को ज्वाइन भी करवाया जा चुका है। नये सिरे से मैरिट सूची में 9455 के अलावा 2500 के करीब वे शिक्षक भी शामिल किए गये, जिन्होंने 2013 में पात्रता परीक्षा पास की हुई थी। 2012 में सरकार ने 9870 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। ऐसे में इतने ही शिक्षकों के हिसाब से मैरिट लिस्ट बनाई गई। इसके बाद लोअर मैरिट में आने वाले शिक्षकों को बर्खास्त करने के आदेश शिक्षा विभाग ने जारी कर दिए। कुल 1259 जेबीटी शिक्षकों को नौकरी से हटाने का फरमान जारी किया गया है। इनमें से 1017 जेबीटी शिक्षक हरियाणा कैडर से हैं। वहीं 242 मेवात कैडर के हैं। मेवात के लिए सरकार ने अलग कैडर बनाया हुआ है और इस कैडर के लिए भर्ती भी अलग से होती है।
अब फिर संघर्ष
किसी भी चयनित शिक्षक को नौकरी से नहीं हटने दिया जाएगा। सीएम से मुलाकात का समय मांगा गया है। सोमवार को पंचकूला में शिक्षा सदन के बाहर शिक्षक इकट्ठे होंगे और आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। हाईकोर्ट में भी सरकार के इस फैसले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। -राजेंद्र शर्मा, अध्यक्ष पात्र अध्यापक संघ