जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : शिक्षा विभाग ने अप्रैल 2017 में 190
कांट्रेक्ट कंप्यूटर टीचर्स और डाटा ऑपरेटरों को रिलीव कर दिया था। इसका
कारण कांट्रेक्ट रिन्यू नहीं होना था।
कांट्रेक्ट रिन्यू नहीं होने के कारण शिक्षकों ने धरना भी दिया था। 28 दिन के धरने के बाद विभाग ने मात्र एक महीने के लिए कांट्रेक्ट रिन्यू कर दिया। अब जून में गर्मियों की छुट्टियां हुई तो टीचर्स का कांट्रेक्ट खत्म कर दिया। इसके अलावा फरवरी महीने से वेतन नहीं दिया गया है।
अब शनिवार को दसवीं का परिणाम घोषित हुआ तो इन टीचर्स को स्कूलों में बुला लिया गया और परिणाम बनाने को कहा गया। कांट्रेक्ट कंप्यूटर टीचर यूनियन की प्रधान पूनम ने कहा कि अगर विभाग रिलीव कर चुका है तो काम के लिए स्कूलों में क्यों बुलाया जा रहा है। पूनम ने कहा कि विभाग का रवैया दोगला है। स्कूलों में आधा से भी ज्यादा कार्य कंप्यूटर के जरिए होता है।
कांट्रेक्ट रिन्यू नहीं होने के कारण शिक्षकों ने धरना भी दिया था। 28 दिन के धरने के बाद विभाग ने मात्र एक महीने के लिए कांट्रेक्ट रिन्यू कर दिया। अब जून में गर्मियों की छुट्टियां हुई तो टीचर्स का कांट्रेक्ट खत्म कर दिया। इसके अलावा फरवरी महीने से वेतन नहीं दिया गया है।
अब शनिवार को दसवीं का परिणाम घोषित हुआ तो इन टीचर्स को स्कूलों में बुला लिया गया और परिणाम बनाने को कहा गया। कांट्रेक्ट कंप्यूटर टीचर यूनियन की प्रधान पूनम ने कहा कि अगर विभाग रिलीव कर चुका है तो काम के लिए स्कूलों में क्यों बुलाया जा रहा है। पूनम ने कहा कि विभाग का रवैया दोगला है। स्कूलों में आधा से भी ज्यादा कार्य कंप्यूटर के जरिए होता है।