अमृतसर(दलजीत): विधानसभा चुनाव से पहले सरकार बनने पर
कर्मचारियों को रैगुलर करने और आम जनता को अच्छा शासन देने का वायदा करने
वाली कांग्रेस के राज में कर्मचारियों को वेतन लेने के लिए सड़कों पर आने
को मजबूर होना पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग के हजारों सर्व शिक्षा अभियान/रमसा दफ्तरी कर्मचारियों ने पिछले 4 महीनों से वेतन न मिलने के रोष में विधायक ओम प्रकाश सोनी के घर बाहर बर्तन खड़का कर रोटी मांगी। सर्व शिक्षा अभियान/रमसा दफ्तरी कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान विकास कुमार ने मौके पर पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को रैगुलर तो क्या करना है उनको जो वेतन मिल रहा था वह भी रोका लिया है। वेतन न मिलने के कारण परिवारों के घर का गुजारा करना बहुत मुश्किल हो गया है।
विधायकों और अफसरों ने भी नहीं की सुनवाई
उन्होंने कहा कि यूनियन अब तक वित्तमंत्री, अलग-अलग विधायकों और हर अफसर को मिल कर इस बाबत बात कर चुकी है परंतु कोई हल नहीं निकला। इस कारण मजबूरन कर्मचारियों को संघर्ष फिर से करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कर्मचारियों के वेतन और रैगुलर करने के मामले में हस्तक्षेप न किया तो आने वाले दिनों में समूह विभागों के कर्मचारी इकट्ठे हो कर बड़ा संघर्ष करने को मजबूर होंगे।
ये थे मौजूद
इस मौके मनप्रीत सिंह, नरेन्द्र कौर, गौरव शर्मा, उमा, मनिन्द्र कौर, गुरप्रीत सिंह, विनय शर्मा, संजीव कुमार, तेजविन्द्र सिंह, मनिन्द्र कौर, ज्योति बख्शी, पूजा, बाल किशन, संजना, चरनजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, सतपाल, विक्रमजीत कौर भी मौजूद थे।
शिक्षा विभाग के हजारों सर्व शिक्षा अभियान/रमसा दफ्तरी कर्मचारियों ने पिछले 4 महीनों से वेतन न मिलने के रोष में विधायक ओम प्रकाश सोनी के घर बाहर बर्तन खड़का कर रोटी मांगी। सर्व शिक्षा अभियान/रमसा दफ्तरी कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान विकास कुमार ने मौके पर पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को रैगुलर तो क्या करना है उनको जो वेतन मिल रहा था वह भी रोका लिया है। वेतन न मिलने के कारण परिवारों के घर का गुजारा करना बहुत मुश्किल हो गया है।
विधायकों और अफसरों ने भी नहीं की सुनवाई
उन्होंने कहा कि यूनियन अब तक वित्तमंत्री, अलग-अलग विधायकों और हर अफसर को मिल कर इस बाबत बात कर चुकी है परंतु कोई हल नहीं निकला। इस कारण मजबूरन कर्मचारियों को संघर्ष फिर से करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कर्मचारियों के वेतन और रैगुलर करने के मामले में हस्तक्षेप न किया तो आने वाले दिनों में समूह विभागों के कर्मचारी इकट्ठे हो कर बड़ा संघर्ष करने को मजबूर होंगे।
ये थे मौजूद
इस मौके मनप्रीत सिंह, नरेन्द्र कौर, गौरव शर्मा, उमा, मनिन्द्र कौर, गुरप्रीत सिंह, विनय शर्मा, संजीव कुमार, तेजविन्द्र सिंह, मनिन्द्र कौर, ज्योति बख्शी, पूजा, बाल किशन, संजना, चरनजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, सतपाल, विक्रमजीत कौर भी मौजूद थे।